
बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बेगूसराय के CO राजीव कुमार और मधेपुरा के पुलिस शिविर SI प्रभारी मितेंद्र प्रसाद मंडल को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इससे भ्रष्टाचारियों में भारी हड़कंप मच गया है।
– पंचमुखी न्यूज़ –
पटना स्टेट डेस्क। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है तथा दो जिलों में अधिकारियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। बेगूसराय के डंडारी अंचल अधिकारी (CO) राजीव कुमार और मधेपुरा के मिठाही पुलिस शिविर प्रभारी मितेंद्र प्रसाद मंडल (SI) को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।
बेगूसराय में CO राजीव कुमार रंगेहाथ गिरफ्तार: बेगूसराय में डंडारी अंचल में पदस्थापित अंचल अधिकारी राजीव कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने मंगलवार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई विनय कुमार चौरसिया नामक व्यक्ति की शिकायत पर की गई। इसमें CO द्वारा सरकारी काम के बदले दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।
शिकायत के बाद रची गई पूरी रणनीति: विनय कुमार चौरसिया ने निगरानी विभाग को शिकायत संख्या 625/825 के तहत आवेदन दिया था। सत्यापन के बाद निगरानी विभाग की विशेष टीम ने जाल बिछाकर डंडारी अंचल कार्यालय में छापेमारी की और राजीव कुमार को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। साथ ही उनके दो सहयोगी डाटा ऑपरेटर कर्मियों को भी हिरासत में लिया गया है।
गहन पूछताछ और जांच जारी: निगरानी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है। यह कार्रवाई जिला प्रशासन और निगरानी विभाग द्वारा भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने के प्रयासों का हिस्सा है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य मामलों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

मधेपुरा में मिठाही पुलिस शिविर प्रभारी गिरफ्तार: उधर, मधेपुरा जिले के मिठाही पुलिस शिविर प्रभारी मितेंद्र प्रसाद मंडल को भी निगरानी विभाग की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मंगलवार सुबह की गई, जिसमें मंडल को उनके कार्यालय से ही पकड़ा गया। उन्हें गिरफ्तार कर सहरसा ले जाया गया जहां पूछताछ की गई।
“मितेंद्र मंडल बार-बार पैसे मांगता था, गाली-गलौज करता था और केस को दबाने की धमकी देता था। पिछले एक साल से मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहा था। निगरानी विभाग को शिकायत करने के बाद ही राहत मिली। कार्रवाई के समय मंडल को 20 हजार रुपये नगद दिए थे। उसी दौरान टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया।” – वकील कुमार यादव, शिकायतकर्ता
पीड़ित वकील से मांगी थी पैरवी के नाम पर रिश्वत: मामले में शिकायतकर्ता वकील कुमार यादव ने बताया कि जमीन विवाद को लेकर चल रहे केस में मितेंद्र मंडल बार-बार पैसे की मांग कर रहा था। एक साल से परेशान होकर अंततः उन्होंने पटना स्थित निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई। सत्यापन के बाद 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते ही मंडल को टीम ने धर दबोचा।
“यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत की गई है। दोनों मामलों में विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी की जा रही है और भविष्य में भी इस तरह की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों को भी चेतावनी मिल गई है।” -संजय कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी विभाग
