
गरीबों की जमीन कब्जाने से लेकर रंगदारी, गोलीबारी और बेनामी संपत्ति तक… STF की गिरफ्तारी ने खोले कई बड़े राज।
- पंचमुखी न्यूज़ –
पटना डेस्क। बिहार के अपराध जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की रडार पर चल रहा कुख्यात जमीन माफिया संतोष डॉन आखिरकार बिहार STF के हत्थे चढ़ गया। पटना और नालंदा समेत कई जिलों में आतंक का पर्याय बन चुके इस अपराधी पर हत्या के प्रयास, रंगदारी, जमीन कब्जाने और फर्जीवाड़े सहित दो दर्जन से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं। पिछले महीने 25 ठिकानों पर हुई EOU की बड़ी रेड के बाद अब STF की यह कार्रवाई बिहार के भू-माफियाओं के खिलाफ सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।
STF के शिकंजे में आया कुख्यात संतोष डॉन:
बिहार STF ने पटना और नालंदा के चर्चित अपराधी संजय कुमार उर्फ संतोष कुमार उर्फ संतोष डॉन को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसे पटना के खुसरूपुर थाने के हवाले कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक संतोष डॉन पर पटना, नालंदा और आर्थिक अपराध इकाई में हत्या के प्रयास, रंगदारी, रंगदारी के लिए हत्या, अवैध जमीन कब्जाने और कई अन्य गंभीर अपराधों के 24 से अधिक मामले दर्ज हैं।
2015 में रखा था अपराध की दुनिया में कदम:
बताया जाता है कि संतोष डॉन ने वर्ष 2015 के आसपास अपराध की दुनिया में कदम रखा और कुछ ही वर्षों में बिहार के बड़े भू-माफियाओं में उसकी गिनती होने लगी। आरोप है कि उसने गरीब किसानों की जमीन पर कब्जा करने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी और निजी जमीन हड़पने का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया था। कारोबारियों से रंगदारी वसूलना और विरोध करने वालों को धमकाना उसकी पहचान बन गई थी।
EOU की 25 ठिकानों पर रेड से मचा था हड़कंप:
जून महीने में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने संतोष डॉन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना, नालंदा और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में एक साथ 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी। दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ पहुंची जांच टीम ने उसके पैतृक गांव रहुई प्रखंड के खिदरचक और पचासा सहित कई आलीशान मकानों और व्यावसायिक परिसरों की गहन तलाशी ली थी।
जांच के दौरान बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति, दस्तावेज और कथित बेनामी निवेश से जुड़े कई अहम सुराग मिले थे। इसी कार्रवाई के बाद संतोष डॉन की मुश्किलें लगातार बढ़ती चली गईं।
रिश्तेदारों के नाम पर भी बनाई करोड़ों की संपत्ति!
जांच एजेंसियों को शक है कि संतोष डॉन ने अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों के नाम पर भी बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की। खुसरूपुर के पचरुखिया, जगमालबीघा, सुकरबेगचक, मुस्तफापुर और चौड़ा समेत कई इलाकों में कथित बेनामी संपत्तियों की जांच की गई थी। अधिकारियों का दावा है कि जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
गरीब किसानों की जमीन पर कब्जे के गंभीर आरोप:
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संतोष डॉन पर गरीब किसानों की जमीन कब्जाने, फर्जी रजिस्ट्री कराने, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने और विरोध करने वालों को खुलेआम धमकाने के गंभीर आरोप हैं। कई मामलों में गोलीबारी और जानलेवा हमले के केस भी दर्ज हैं।
सबसे ज्यादा केस खुसरूपुर थाने में दर्ज:
संतोष डॉन के खिलाफ सबसे अधिक मुकदमे पटना के खुसरूपुर थाने में दर्ज हैं। इसके अलावा फतुहा, नालंदा के भगवान बिगहा और सोहसराय थानों में भी उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, जानलेवा हमला, रंगदारी और जमीन कब्जाने जैसे गंभीर मामलों की लंबी फेहरिस्त मौजूद है।
अब खुलेंगे कई बड़े राज?
STF की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां संतोष डॉन से उसके कथित जमीन कब्जा नेटवर्क, बेनामी संपत्तियों, सहयोगियों और आर्थिक लेनदेन को लेकर गहन पूछताछ की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि इस पूछताछ में बिहार में सक्रिय भू-माफिया नेटवर्क से जुड़े कई बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं।
फिलहाल, संतोष डॉन की गिरफ्तारी को बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
