
बिहारशरीफ डेस्क। बिहारशरीफ का ऐतिहासिक और आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा मणिराम अखाड़ा परिसर 29 जुलाई से 6 अगस्त तक श्रद्धालुओं से गुलजार रहेगा। बहुप्रतीक्षित लंगोट मेला शुरू होने से पहले जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। डीएम उदिता सिंह और एसपी भारत सोनी ने अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक कर साफ कर दिया कि इस बार का लंगोट मेला सिर्फ मेला नहीं, बल्कि ऐतिहासिक आयोजन होगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा से लेकर सफाई, ट्रैफिक, पार्किंग, बिजली, पेयजल, मेडिकल और आपदा प्रबंधन तक हर व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के बाद डीएम और एसपी ने पूरे मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया। डीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं को ऐसा माहौल मिले, जहां वे निर्भय होकर बाबा के दर्शन करें और सकारात्मक यादें लेकर लौटें। इसके लिए मेला परिसर और आसपास के इलाकों में साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल, बैरिकेडिंग, कंट्रोल रूम, एम्बुलेंस, अग्निशमन दस्ता और चिकित्सा सुविधाएं पूरी तरह सक्रिय रहेंगी।
श्री मणिराम बाबा न्यास समिति के उपाध्यक्ष अमरकांत भारती और सतीश कुमार ने बताया कि मेले के दौरान हर दिन 5 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन और लंगोट अर्पण के लिए पहुंचते हैं। खास बात यह है कि इनमें करीब 60 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे होते हैं। इसी वजह से उनकी सुरक्षा और सुविधाओं पर इस बार विशेष जोर दिया जा रहा है।
सुरक्षा पर रहेगा पुलिस का सख्त पहरा:
एसपी भारत सोनी ने कहा कि पूरे मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर, भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील स्थानों की निगरानी, प्रवेश-निकास मार्गों पर विशेष सुरक्षा, बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था और पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मेले के सफल संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती होगी तथा आयोजन समिति के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाएगा। बैठक में एडीएम प्राची रिया, एसडीओ किसलय श्रीवास्तव समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
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