
- डॉ अरुण कुमार मयंक –
बिहारशरीफ डेस्क। बिहारशरीफ अनुमंडल परिसर में बिहार पेंशनर समाज, नालंदा का 27वां जिला स्तरीय वार्षिक सम्मेलन भव्य रूप से आयोजित हुआ। अध्यक्षता जिला अध्यक्ष चन्द्रसेन प्रसाद सिन्हा ने की। मंगल दीप प्रज्वलन के साथ सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन हुआ।
पेंशनर समाज की धरोहर: चन्द्रसेन सिन्हा ने कहा- पेंशनर बोझ नहीं, समाज की अमूल्य धरोहर हैं। अनुभव से नई पीढ़ी को दिशा देना आज की जरूरत है। गौतम प्रसाद ने कहा कि संघ में ही शक्ति है। उन्होंने स्थानीय मांगों को रखा गया। एकजुटता और संघर्ष को सफलता की कुंजी बताया। प्रवक्ता हरेंद्र चौधरी ने मैट्रिक प्रशिक्षित शिक्षकों के M.ACP.C वेतन निर्धारण में देरी पर चिंता जताई।
सैकड़ों शिक्षकों को लाभ से वंचित होने की बात कही। बिहारशरीफ में शीघ्र ओल्ड एज होम निर्माण की मांग उठी। पेंशनर मित्र राकेश बिहारी शर्मा ने चट्टानी एकता बनाए रखने की अपील की। आपसी सहयोग को संबल बताया। नवलकिशोर पाण्डेय ने संगठन की वार्षिक उपलब्धियां गिनाई। संगठन को और मजबूत करने का आह्वान किया। आय-व्यय रिपोर्ट सर्वसम्मति से मंजूर।
80 पार के 13 पेंशनर सम्मानित: अंगवस्त्र, छड़ी व प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मान। सम्मानितों में बृज नंदन प्रसाद, किशोरी लाल, दामोदर प्रसाद, हरदेव प्रसाद, शकुंतला देवी, सीता देवी सहित कुल 13 नाम शामिल।
नई कार्यकारिणी का गठन:
अध्यक्ष- चन्द्रसेन प्रसाद सिन्हा।
उपाध्यक्ष- किशोरी पंडित, नेमत खातून।
सचिव- नवलकिशोर पाण्डेय।
संयुक्त सचिव- गौतम प्रसाद, अरविंद कुमार।
कोषाध्यक्ष- नरेश दास।
पेंशनर मित्र- राकेश बिहारी शर्मा।
शोक प्रस्ताव:
मो. तसलीमुद्दीन और कृष्णम गिरी के असामयिक निधन पर गहरा शोक।
उपस्थिति:
कई वरिष्ठ पेंशनर व शिक्षक नेता सम्मेलन में मौजूद रहे।
