
- डॉ अरुण कुमार मयंक –
पटना स्टेट ब्यूरो। बिहार चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। लेकिन उससे पहले ही नालंदा के कांग्रेस प्रत्याशी छोटे मुखिया के गांव में जश्न का माहौल दिखने लगा है। जीत का एलान अभी दूर है।
मगर गांव में सेलिब्रेशन मोड ON है। टेंट और पंडाल लगाने की तैयारी चल रही है। राइस मिल पर भोज की तैयारी जोरों पर है। खाना बनाने की टीमें तय कर ली गई हैं। मानों जीत तय हो।
छोटे मुखिया पूरी तरह आत्मविश्वास से लबरेज़ दिख रहे हैं। और समर्थक कह रहे- “अबकी बार नालंदा का फैसला साफ है।”
इसी बीच छोटे मुखिया के आधिकारिक फेसबुक पेज से पोस्ट शेयर किया गया है- “बस 5 दिन का इंतेज़ार, आ रहे हैं कौशलेन्द्र कुमार…क्यों पड़े हो चक्कर में, कोई नहीं है टक्कर में। नालंदा ने दे दिया संदेश, छोटे मुखिया को मिला जनादेश।”
नालंदा इस बार बिहार की हॉट सीट बनी हुई है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी छोटे मुखिया का मुकाबला राज्य के काबीना मंत्री और जेडीयू उम्मीदवार श्रवण कुमार से है। वहीं जन सुराज प्रत्याशी जिला पार्षद कुमारी पूनम सिन्हा भी मुकाबले में हैं।
तीनों उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है। मतदान हो चुका है। बस नतीजों का इंतज़ार है। लेकिन छोटे मुखिया के गांव में माहौल अलग ही है-
ढोल-नगाड़ों से लेकर पंडाल तक…
सब तैयार।
छोटे मुखिया तीसरी बार श्रवण कुमार के खिलाफ मैदान में हैं।
और इस बार समर्थकों का उत्साह आसमान पर।
“अब 14 नवंबर को पता चलेगा-
यह जश्न,
जीत का स्वागत है
या
ओवर कॉन्फिडेंस की जल्दीबाज़ी।“
