
– डॉ अरुण कुमार मयंक –
पटना स्टेट डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पटना में बुधवार को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक हुई। यह लगभग साढ़े 4 घंटे चली। इस बैठक में पार्टी ने कई प्रस्ताव पास किए गए। इनमें राजनीतिक, कूटनीतिक और सामाजिक शामिल हैं। बैठक में कांग्रेस नेताओं के सुर बदले से नज़र आए। संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि तेलंगाना में कार्य समिति बैठक के 2 माह बाद कांग्रेस की सरकार बनी थी। बिहार में भी बैठक के दो माह के अंदर कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनेगी। इससे पहले कांग्रेस नेता सूबे में INDI गठबंधन की सरकार बनाने की बातें करते थे।
बैठक में बिहार चुनाव में महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे पर कांग्रेस ने कोई फैसला नहीं किया है। पटना में CWC की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में पार्टी के सभी वरीय नेता सीएम फेस के सवाल पर बोलने से बचते रहे। बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि अभी यह सवाल नहीं है। अभी सवाल है कि वोट चोरी कैसे रोकें। बता दें कि कांग्रेस द्वारा तेजस्वी यादव को सीएम फेस नहीं घोषित करने पर आरजेडी में बेचैनी देखी जा रही है।
लिए गए प्रस्ताव:-
एआईसीसी पर्यवेक्षक (AICC Observers)
डीसीसी अध्यक्षों का पारदर्शी चयन
सामाजिक और लैंगिक संतुलन को प्राथमिकता, युवाओं पर जोर, जिसमें एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया गया. ओबीसी श्रेणी का प्रतिनिधित्व 24% से बढ़कर 33%, एससी श्रेणी 4% से बढ़कर 12%, एसटी श्रेणी 6% से बढ़कर 12%, अल्पसंख्यक श्रेणी 5% से बढ़कर 9%, महिला डीसीसी अध्यक्षों की संख्या 20% से बढ़कर 51% की गयी.
प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
मासिक गतिविधि कैलेंडर (कनेक्ट सेंटर्स के माध्यम से)
जमीनी फीडबैक को रणनीति में शामिल करना
प्रदर्शन मूल्यांकन
मापने योग्य पैमानों में शामिल:-
संगठन निर्माण
चुनाव प्रबंधन (BLA1 और BLA2 की नियुक्ति और मतदाता सूची का रखरखाव)
डीसीसी और निचले स्तर पर कार्यालयों का संचालन
सोशल मीडिया प्रभाव
जमीनी गतिविधियां
कार्यकर्ताओं और जनता के प्रति जवाबदेही
संगठनात्मक बैठकें और समन्वय
सदस्यता अभियान और नेतृत्व की पहचान
क्षेत्रीय दौरे, सामाजिक गतिविधियां और सिविल सोसायटी व पेशेवर समूहों से जुड़ाव
प्रशिक्षण
फंड रेज़िंग
CWC की बैठक में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एस सिद्धारमैया, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल मुख्य रूप से शामिल हुए। सभी कार्यसमिति के सदस्यों के अलावा सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता और सभी फ्रंटल के पदाधिकारी समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस बैठक में बिहार चुनाव, SIR, संगठन विस्तार पर चर्चा की गयी। इस बैठक में सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी नहीं आईं।
