फोटो: बिहारशरीफ में शनिवार को कांग्रेस के आक्रोश मार्च में झंडा के साथ जाते जिलाध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला, संजू पाण्डेय, माउज़र सिंह व अन्य।
-डॉ. अरुण कुमार मयंक-
बिहारशरीफ डेस्क। पटना में प्रदेश कार्यालय पर हुए हमले के विरोध में नालंदा कांग्रेस ने शनिवार को बिहारशरीफ में आक्रोश मार्च निकाला। सैकड़ों कांग्रेसी हाथों में झंडा लेकर स्थानीय राजेंद्र आश्रम से धनेश्वर घाट, टेलीफोन एक्सचेंज, भैंसासुर मोड़ होते हुए अस्पताल चौक पहुंचे। कांग्रेसियों ने वहां पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर खूब नारेबाजी की।
बिहार प्रदेश कांग्रेस विधि व मानवाधिकार विभाग के उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि सुशासन की सरकार कहलाने वाली एनडीए सरकार का चरित्र उजागर हो गया है। एक ओर हमारे नेता जननायक राहुल गांधी जनता के अधिकार की रक्षा के लिए पूरे बिहार में पदयात्रा कर रहे हैं। वहीं हमारे प्रदेश अध्यक्ष भी उनके साथ दलित एवं पिछड़ों के अधिकार की रक्षा के लिए साथ में चल रहे हैं। इस स्थिति में इस तरह का हमला करना लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
जिलाध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला ने कहा कि पटना के प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में भारतीय जनता पार्टी के गुंडो ने शुक्रवार को कातिलाना हमला किया। हमले में कई कांग्रेसी बुरी तरह घायल हो गए और कईयों के सिर फट गए। भाजपाई हमले ने बिहार सरकार की पोल खोल कर रख दी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मो हैदर आलम व राजीव कुमार मुन्ना ने कहा कि आज लोकतंत्र खतरा में है। कुछ लोग इसकी हत्या करने को अमादा हैं। लोकतंत्र की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह देश गांधी के विचारधारा का देश है। यह देश अंबेडकर की नीतियों का देश है। यह इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कुर्बानियों का मुल्क है। इन्होंने अपनी शहादत देकर भी देश का सिर झुकने नहीं दिया। और न ही किसी फिरकापरस्त ताकत से कोई समझौता किया।
कांग्रेस लीगल सेल के जिलाध्यक्ष सरफराज मल्लिक ने कहा कि आज पुन: लोकतंत्र खतरे में पड़ा है। हमारी पार्टी इस जिले में गांधीवादी विचारधारा के सहारे गांव-गांव जाकर इस हमले के बारे में बता रही है। हम लोकतंत्र को बचाने के लिए आगामी चुनाव में एनडीए सरकार को उखाड़ फेंकेंगे तथा सूबे में महागठबंधन की सरकार बनाएंगे। यही इस हमले का सबसे सटीक जवाब होगा।
इस मार्च में अजीत कुमार, श्यामदेव राजवंशी, मुन्नी राजवंशी, संजू पांडेय, मंजू देवी, असगर भारती, नवीन कुमार, कृष्ण दास, रमेश कुमार, अखिलेश्वर प्रसाद कुशवाहा, नंदू पासवान, दिलीप कुमार पासवान, संजय पासवान, माउज़र सिंह, इंजीनियर टीपू, मीर अरशद, डॉ. अवधेश प्रसाद, जगदेव रविदास, रोहित रंजन, अनिल पाल, मो. आजाद, रणधीर रंजन मंटू, हरिहरनाथ, अनिल चंद्रवंशी, संजय कुमार व अन्य शामिल थे।
