राहुल गांधी ने 17 अगस्त से बिहार में वोटर अधिकार यात्रा शुरू की थी। यह यात्रा 1 सितंबर को पटना में समाप्त होनी है। पहले बड़ी रैली होनी थी, जो रद्द हो गई है। इस यात्रा का समापन अब पदयात्रा के जरिए होगा।

– पंचमुखी स्पेशल –
पटना स्टेट डेस्क। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 17 अगस्त से बिहार में वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत की थी। यात्रा की शुरुआत में तेजस्वी यादव अर्जुन की भूमिका में थे। वोटर अधिकार यात्रा धीरे-धीरे अंतिम पड़ाव की ओर जा रहा है। राहुल गांधी बिहार की राजनीति में सशक्त होकर उभर रहे हैं। आरजेडी खेमे में बेचैनी इस बात को लेकर है कि तेजस्वी यादव को उम्मीद के मुताबिक माइलेज नहीं मिल रहा है। और अब पटना में होने वाली रैली भी रद्द हो गई है।
राहुल गांधी के सारथी बने तेजस्वी: मतदाता पुनरीक्षण अभियान ने बिहार में इंडिया गठबंधन को ऊर्जा प्रदान करने का काम किया। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के फैसले को मुद्दा बनाया और वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत की। 17 अगस्त को सासाराम से यात्रा की शुरुआत की गई थी। इंडिया गठबंधन के तमाम बड़े नेताओं का जमावड़ा सासाराम में लगा। वहीं तेजस्वी यादव राहुल गांधी के सारथी बन गाड़ी चलाते हुए देखे गए।
इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर संशय: पिछले 12 दिनों से महागठबंधन का पूरा कुनबा वोटर अधिकार यात्रा पर है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव साथ-साथ चल रहे हैं। अब बारी यात्रा के समापन की है। राजधानी पटना में वोटर अधिकार यात्रा का समापन होना है और समापन के मौके पर महागठबंधन की ओर से बड़ी रैली की योजना थी। इंडिया ब्लॉक के तमाम बड़े नेता रैली में शामिल होने वाले थे लेकिन अब रैली को स्थगित माना जा रहा है।
अब कैसे होगा समापन: मिल रही जानकारी के मुताबिक अब गांधी मैदान में महागठबंधन की रैली 1 सितंबर को नहीं होगी। राहुल गांधी की यात्रा का समापन अब पदयात्रा के जरिए होगा। राहुल गांधी पटना के गांधी मैदान से पैदल चलकर पटना हाई कोर्ट स्थित अंबेडकर मूर्ति तक जाएंगे और फिर यात्रा का समापन होगा। पार्टी सूत्रों की ओर से बताया गया कि महागठबंधन की रैली की तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में होगी रैली: महागठबंधन की रैली स्थगित किए जाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चा है। बताया जा रहा है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सहमति रैली को लेकर नहीं मिली जिसके चलते राहुल गांधी को फिलहाल रैली को स्थगित करना पड़ा। आने वाले दिनों में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में रैली का आयोजन होगा और तारीख का ऐलान शीघ्र किया जाएगा।
क्या कहती है आरजेडी: राष्ट्रीय जनता दल प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा है कि राहुल-तेजस्वी की यात्रा बेहद सफल रही है। यात्रा से बीजेपी, जेडीयू और चुनाव आयोग की बेचैनी बढ़ गई थी। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को जिस तरीके का समर्थन बिहार में यात्रा के दौरान मिल रहा है। वह बदलाव की ओर संकेत दे रहा है।
“गांधी मैदान से बाबा साहेब अंबेडकर की मूर्ति तक महागठबंधन के नेता पदयात्रा करेंगे और फिर यात्रा का समापन होगा। रैली की तिथि बाद में घोषित की जाएगी.”- एजाज अहमद, प्रवक्ता, आरजेडी
कांग्रेस ने यात्रा को बताया सफल: कांग्रेस विधि व मानवाधिकार विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी की यात्रा बेहद कामयाब रही है। राहुल बिहार के लाखों मतदाताओं की लड़ाई लड़ रहे हैं और यह लड़ाई तब तक खत्म नहीं होगी जब तक मतदाताओं को उनका अधिकार नहीं मिल जाता है।
“रैली को लेकर कोई जानकारी हमारे पास नहीं है। राहुल गांधी राजधानी पटना में पदयात्रा करेंगे और फिर अभियान को विराम दिया जाएगा।”- असित नाथ तिवारी, प्रवक्ता, कांग्रेस
क्यों राहुल-तेजस्वी पटना में नहीं निकालेंगे रैली: वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अरुण कुमार मयंक का कहना है कि यात्रा राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू हुई थी और तेजस्वी यादव सहयोगी की भूमिका में थे। बिहार में राहुल गांधी कांग्रेस की जमीन तलाश रहे हैं। राहुल की यात्रा का समापन बड़ी रैली के साथ होना था लेकिन महागठबंधन के घटक दलों के बीच रैली को लेकर सहमति नहीं बनी जिसके चलते रैली को फिलहाल स्थगित करना पड़ा है।
“महागठबंधन में क्रेडिट लेने की पॉलिटिक्स चल रही है। कोई भी दल क्रेडिट लेने की होड़ में पीछे नहीं रहना चाहता। रैली को लेकर महागठबंधन के घटक दलों के बीच सहमति नहीं बनी जिसकी वजह से रैली को फिलहाल स्थगित करना पड़ा है।” – डॉ. अरुण कुमार मयंक, राजनीतिक विश्लेषक
