
– डॉ अरुण कुमार मयंक –
बिहारशरीफ डेस्क। “स्वतंत्रता हमें विरासत में नहीं मिली, बल्कि लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्राप्त हुई है। आज हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश को प्रगति की नई ऊँचाइयों पर ले जाएँ।” महाबोधि महाविद्यालय, नालंदा के शासी निकाय के सचिव राजेंद्र प्रसाद ने उक्त बातें देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कही। इसके पूर्व सचिव राजेंद्र प्रसाद एवं प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार ने महाविद्यालय प्रांगण में संयुक्त रूप से तिरंगे का ध्वजारोहण किया। राष्ट्रीय ध्वज के शान से लहराते ही पूरा परिसर “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा। महाबोधि महाविद्यालय, नालंदा में देशभक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हमें आज़ादी और मौलिक अधिकार तो मिल गए, लेकिन कर्तव्यों के पालन में भी उतनी ही निष्ठा आवश्यक है। उन्होंने सभी को अपने-अपने क्षेत्र के महान विद्वानों के आदर्शों पर चलकर समाज को नई दिशा देने का आह्वान किया। महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रो. सुधीर कुमार वर्मा ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि 2025 का स्वतंत्रता दिवस थीम “नया भारत” है। राष्ट्र 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्वतंत्रता दिवस हमारे देश के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन है और हम सब सौभाग्यशाली हैं कि इसके साक्षी बन रहे हैं।

इसके बाद महाबोधि महाविद्यालय (B.Ed एवं D.El.Ed) नैक B ++, नालंदा में 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में किया गया एवं हर घर तिरंगा रैली निकली गयी। इसमें महाविद्यालय के बी.एड एवं डी.एल.एड के प्रशिक्षुओ ने भी भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुई। तत्पश्चात जदयू के वरिष्ट नेता व समाजसेवी राजेंद्र प्रसाद, सचिव डॉ अरविन्द कुमार और प्राचार्य डॉ दीपक शर्मा ने मंगल दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया।
बी.एड एवं डी.एल.एड. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ दीपक शर्मा ने कहा कि यह देश वंदन की माटी है, अभिनंदन की माटी है। यह 2025 का भारत है जो वसुधैव कुटुंबकम् के सिद्धांत पर आगे बढ़ रहा है। यह वीरों की भूमि है जिसे उन्होंने अपने लहू से सींचा है, लेकिन आज का युवा अपनी इस आजादी का अर्थ दूसरा ही निकालता है, आज का दिन हमें एकता, भाईचारे और त्याग का संदेश देता है। शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से ही हम स्वतंत्रता के असली मायने को पूरा कर सकते हैं।
महाविद्यालय के सचिव डॉ अरविन्द कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि “हमारा संस्थान विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सेवा-भावना जगाने के लिए सदैव तत्पर है। यही हमारी स्वतंत्रता की सच्ची रक्षा है। स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आज़ादी नहीं, बल्कि विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी है। हमें इसे बनाए रखने के लिए ज्ञान और नैतिक मूल्यों को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि 78 वर्षों में हम कहां पहुंचे है इस पर सभी को आज विचार करना चाहिए। स्वतंत्रता का सही अर्थ क्या है, इस आजादी का मूल उद्देश्य क्या था इस पर विचार करें।

लवली, मुस्कान, अंजली, नित्या, अंडनी कुमारी, कोमल, पूजा, प्रीती, सुरभि, साधना, खुशबू , सलोनी , जूही आशीष आदि के देशभक्ति से सरोवार एकल नृत्यों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी के अंदर जोश भर दिया। अनामिका का देश रंगीला, जूही कुमारी का यशोदा मैया तेरा कन्हैया, मिथिला नगरिया का ग्रुप डांस ने बिहार के लोक नृत्य की छाप को छोड़ा, वहीँ झाँसी की रानी की प्रस्तुति ने वातावरण को जोश पूर्ण बना दिया। महाबोधि महाविद्यालय (B.Ed & D.El.Ed ) नालंदा में 79 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हुए देश भक्ति से ओतप्रोत करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का दिल जीत लिया।
मंच का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ मनोज कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर नालंदा सांसद कौशलेन्द्र कुमार सहित सभी व्याख्याता गण प्रो (डॉo) मनोज कुमार सिंह (विभागाध्यक्ष, डीएलएड), प्रो (डॉo) रवि आनन्द, प्रो (डॉo) कुमार सुरेन्द्र प्रताप, प्रो सूर्य प्रकाश रावत, प्रो (डॉo) अमित कुमार, प्रो अनिल कुमार कश्यप, प्रो अमरजीत कुमार, प्रो धीरेन्द्र कुमार, प्रो सुग्रीव कुमार, पुस्तकालाध्यक्ष श्रीमती पुष्पा कुमारी, प्रो ज्योति रानी, डॉ कमल नयन , डॉ, सुधीर वर्मा वर्मा , डॉ, धनेश्वर , विकाश , अजीत कुमार, आकाश भारती ,अश्वनी कुमार, कुमकुम समाजसेवी एवं पत्रकार बंधु उपस्थित थे।
