- डॉ अरुण कुमार मयंक –
बिहारशरीफ डेस्क। दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासत गरमा गई है। बिहारशरीफ में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। श्रद्धांजलि सभा के दौरान गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग उठी, लोकतंत्र पर हमला होने का आरोप लगाया गया और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का बड़ा ऐलान किया गया।
बिहारशरीफ में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, छात्रों के समर्थन में जलीं मोमबत्तियां:
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल के निर्देश पर शनिवार शाम नालंदा जिला कांग्रेस कमेटी ने बिहारशरीफ के देवीसराय मोड़ पर कैंडललाइट मार्च और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लेकर छात्रों और युवाओं के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
सभा को संबोधित करते हुए नालंदा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विवेक सिन्हा यादव ने दिल्ली पुलिस पर छात्रों और युवाओं के साथ बर्बरता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले विद्यार्थियों पर बल प्रयोग लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है और किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है, इसलिए इस पूरे घटनाक्रम की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री की है। उन्होंने मांग की कि गृह मंत्री तत्काल इस घटना की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दें।
कांग्रेस लीगल सेल के जिलाध्यक्ष मो. सरफराज मल्लिक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के विद्यार्थियों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि अन्याय और दमन के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
कार्यक्रम में युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विवेकानंद पासवान सहित अजीत राज, विशाल कुमार, मनीष कुमार, राजीव कुमार, मुकेश कुशवाहा, महताब आलम चिश्ती, मीर अरशद हुसैन, इंजीनियर टीपू, अजय कुमार पांडे, उस्मान गनी, असगर भारती, मुकेश कुमार सिंह, इमरान अली, मोहम्मद जोहैर गनी, अब्दुल हमीद अंसारी, प्रेम मुन्ना, गिरीश पासवान, अनिल पांडेय समेत कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। अंत में सभी प्रतिभागियों ने संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और देश के युवाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
