पंचमुखी न्यूज़
पटना/नालंदा| बिहार की राजनीति में क्या बड़ा बदलाव दस्तक दे रहा है? अपने ही गृह जिले नालंदा में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम में ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी। एक तरफ करोड़ों की पेपर मिल विस्तार परियोजना का उद्घाटन हुआ, दूसरी तरफ कार्यक्रम स्थल पर आम लोगों की बेहद कम मौजूदगी चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गई।
रविवार को नूरसराय प्रखंड के ककड़िया मोड़ स्थित एक निजी पेपर मिल की विस्तार परियोजना का उद्घाटन करने पहुंचे नीतीश कुमार करीब 10 मिनट तक ही फैक्ट्री परिसर में रुके। उन्होंने मिल का निरीक्षण किया और फिर सड़क मार्ग से पटना के लिए रवाना हो गए। लेकिन इस पूरे कार्यक्रम में जिस चीज़ ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह थी खाली नजर आती भीड़। कार्यक्रम में मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, एमएलसी ललन सर्राफ, पूर्व विधायक इंजीनियर सुनील कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि और उद्योगपति मौजूद रहे। इसके बावजूद आम जनता की भागीदारी अपेक्षा से काफी कम दिखाई दी।
कम भीड़ पर शुरू हुई सियासी चर्चा:
कार्यक्रम खत्म होते ही स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे। कुछ लोग इसे नीतीश कुमार के प्रति घटते जनआकर्षण से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि कार्यक्रम की जानकारी सीमित लोगों तक ही पहुंचाई गई, जिसके कारण भीड़ नहीं जुट सकी। फिलहाल, कम भीड़ की वजह को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फैक्ट्री का हुआ बड़ा विस्तार:
उधर, जिस पेपर मिल का उद्घाटन हुआ, उसका बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण किया गया है। कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, पहले जहां उत्पादन सिंगल वायर मशीन से होता था, वहीं अब आधुनिक डबल वायर तकनीक से 70 से 200 GSM तक के उच्च बर्स्ट फैक्टर वाले ब्राउन क्राफ्ट पेपर का उत्पादन किया जाएगा। इससे उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल…
नालंदा को लंबे समय से नीतीश कुमार का सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में उनके कार्यक्रम में कम भीड़ ने राजनीतिक चर्चाओं को नया मुद्दा दे दिया है। क्या यह सिर्फ कमजोर प्रचार-प्रसार का नतीजा था? या फिर बदलते राजनीतिक माहौल का कोई संकेत? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों की राजनीति में तलाशे जाएंगे।
“पंचमुखी न्यूज़” इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
