- डॉ अरुण कुमार मयंक –
बिहारशरीफ डेस्क। नालन्दा में बेन प्रखंड के मुरगावां गांव में पूर्व प्रधानाध्यापिका द्रौपदी देवी एवं उनके ससुर सहदेव सिंह की 18वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। सभी ने दोनों के चित्रों पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने द्रौपदी देवी को संघर्षशील, आदर्शवादी और मृदुभाषी शिक्षिका बताते हुए कहा कि उनका जीवन शिक्षकों और समाज के लिए प्रेरणा है। बताया गया कि उन्होंने 17 वर्षों तक मध्य विद्यालय मुरगावां में सेवा दी। इसके बाद मध्य विद्यालय मुरारपुर, बिहारशरीफ में कार्यरत रहते हुए 19 मई 2008 को उनका असामयिक निधन हो गया।
“मुरगावां देखकर मुंबई-पुणे की याद आती है”
भाजपा नेता ई. प्रणव प्रकाश ने गांव के विकास की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बिना सरकारी सहायता के मुरगावां का विकास किसी पर्यटन स्थल जैसा दिखाई देता है। गांव की स्वच्छता, सुंदरता और आधुनिक व्यवस्था देखकर उन्हें मुंबई और पुणे जैसे शहरों की याद आ गई। उन्होंने कहा कि 20 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र में इस स्तर का विकास अपने आप में मिसाल है। इसके लिए उन्होंने गांव के लोगों के साथ-साथ प्रसिद्ध अधिवक्ता गोपाल सिंह के योगदान को ऐतिहासिक बताया।
“गोपाल बाबू विकासात्मक सोच के धनी”:
प्रणव प्रकाश ने कहा कि गोपाल सिंह ने सिर्फ बिहार सरकार को कानूनी सेवा नहीं दी, बल्कि अपने गांव को भी शहर जैसी सुविधाएं दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने जिला प्रशासन और मंत्रियों से अपील की कि मुरगावां मॉडल से सीख लेकर अन्य गांवों का भी विकास किया जाए।
“मां के संस्कार ही राजीव मुन्ना की ताकत”
वक्ता नीरज कुमार ने कहा कि राजीव कुमार मुन्ना का संघर्ष और सामाजिक समर्पण इस बात का प्रमाण है कि उन्हें अपनी माता से मजबूत संस्कार मिले हैं। उन्होंने कहा कि द्रौपदी देवी ने शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया, उसे आज भी शिक्षक याद करते हैं।
स्कूल भवन के लिए जमीन दिलाने तक लड़ी लड़ाई:
लोगों ने बताया कि द्रौपदी देवी ने मध्य विद्यालय मुरारपुर के लिए जमीन उपलब्ध कराने और भवन निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
“पुण्यतिथि सामाजिक एकता का संदेश”
अजय कुमार पांडे ने कहा कि यह पुण्यतिथि केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि संकल्प और विश्वास का प्रतीक है। वक्ताओं ने कहा कि अगर लोग अपने पूर्वजों की पुण्यतिथि इसी तरह मनाएं तो समाज में भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा।
ट्रस्ट पदाधिकारियों की भी हुई सराहना
ग्रामीणों ने गांव के विकास में ट्रस्ट अध्यक्ष रामनरेश सिंह और सचिव विनोद नारायण सिंह के योगदान की भी जमकर प्रशंसा की। लोगों ने कहा कि दोनों के प्रयासों से मुरगावां लगातार विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
“आने वाले दिनों में पर्यटन केंद्र बनेगा मुरगावां”
कार्यक्रम के आयोजक एवं द्रौपदी देवी के पुत्र राजीव कुमार मुन्ना ने सभी अतिथियों का स्वागत और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि गोपाल बाबू और विनोद नारायण सिंह का प्रयास इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में मुरगावां एक पर्यटन केंद्र के रूप में पहचाना जाएगा। इस अवसर पर सरफराज मल्लिक, कुंदन कुमार, इम्तियाज अहमद, किशोर कुमार, बबीता देवी, प्रधानाध्यापक शमशेर आलम समेत कई शिक्षक एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
