- डॉ अरुण कुमार मयंक –
पटना डेस्क। बिहार की राजनीति में एक बार फिर पैसा, पावर और पॉलिटिक्स का विस्फोटक संगम सामने आया है। 7 मई 2026 को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद जारी ADR और बिहार इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट ने सत्ता के गलियारों में भूचाल ला दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री समेत 35 मंत्रियों में से जिन 31 मंत्रियों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया गया, उनमें 90 फीसदी मंत्री करोड़पति निकले। इतना ही नहीं, लगभग आधे मंत्रियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस रिपोर्ट के सामने आते ही बिहार की राजनीति में जबरदस्त चर्चा छिड़ गई है।
‘मंत्री जी मालामाल’ : औसतन 6.32 करोड़ की संपत्ति!
ADR की रिपोर्ट के अनुसार बिहार कैबिनेट के मंत्रियों की औसत संपत्ति 6.32 करोड़ रुपये है। यानी बिहार की सत्ता अब पूरी तरह करोड़पतियों के हाथों में दिखाई दे रही है। 31 में से 28 मंत्री करोड़पति हैं। रिपोर्ट के मुताबिक सत्ता के सिंहासन पर बैठे अधिकांश चेहरे करोड़ों की दौलत के मालिक हैं, जबकि बिहार की बड़ी आबादी आज भी गरीबी, बेरोजगारी और पलायन से जूझ रही है।
भाजपा की रमा निषाद निकलीं सबसे अमीर मंत्री, संपत्ति जानकर उड़ जाएंगे होश!
औराई विधानसभा से भाजपा विधायक रमा निषाद बिहार सरकार की सबसे अमीर मंत्री बनकर सामने आई हैं। उन्होंने अपने हलफनामे में 31.86 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। रमा निषाद की संपत्ति का आंकड़ा सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर नेताओं की दौलत इतनी तेजी से कैसे बढ़ रही है?
सिर्फ 22 लाख की संपत्ति! बिहार कैबिनेट के सबसे गरीब मंत्री बने संजय कुमार:
जहां एक तरफ मंत्री करोड़ों की दौलत के मालिक हैं, वहीं बखरी से लोजपा (रामविलास) विधायक संजय कुमार सबसे गरीब मंत्री बताए गए हैं। उनकी कुल संपत्ति मात्र 22.30 लाख रुपये है। करोड़पतियों से भरी कैबिनेट में यह आंकड़ा लोगों को चौंका रहा है।
कर्ज में भी डूबी सरकार! मंत्री पर 4 करोड़ से ज्यादा की देनदारी:
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि बिहार सरकार के कई मंत्री भारी कर्ज के बोझ तले दबे हैं। शिवहर से मंत्री श्वेता गुप्ता पर सबसे ज्यादा 4.05 करोड़ रुपये की देनदारी है। कुल 31 में से 20 मंत्रियों ने अपने ऊपर कर्ज होने की जानकारी दी है।
JDU के सभी मंत्री करोड़पति, BJP के 13 मंत्री भी शामिल:
पार्टीवार आंकड़ों ने भी बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।
जदयू के सभी 13 मंत्री करोड़पति
भाजपा के 15 में से 13 मंत्री करोड़पति
लोजपा (रा) के 2 में से 1 मंत्री करोड़पति
हम (सेक्युलर) का एकमात्र मंत्री भी करोड़पति क्लब में शामिल
यानी बिहार की सत्ता में धनबल का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है।
48% मंत्रियों पर आपराधिक केस! 9 पर गंभीर आरोप:
रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू मंत्रियों पर दर्ज आपराधिक मामले हैं। 31 में से 15 मंत्रियों ने अपने ऊपर आपराधिक मुकदमे होने की जानकारी दी है। इनमें 9 मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। इस खुलासे के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का बड़ा मौका मिल गया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह रिपोर्ट आने वाले चुनावी माहौल में बड़ा मुद्दा बन सकती है।
पढ़े-लिखे मंत्री भी कम नहीं! 22 मंत्री ग्रेजुएट या उससे ऊपर:
रिपोर्ट के मुताबिक बिहार कैबिनेट में शिक्षा का स्तर भी काफी ऊंचा दिखा।
22 मंत्री स्नातक या उससे अधिक शिक्षित
8 मंत्री 10वीं से 12वीं पास
हालांकि जनता अब यह पूछ रही है कि डिग्रियों के बावजूद बिहार की व्यवस्था क्यों नहीं बदल रही?
जनता के मन में बड़ा सवाल – ‘सेवा या सत्ता का सुख?’
ADR की यह रिपोर्ट बिहार की राजनीति की असल तस्वीर सामने रखती है। एक तरफ करोड़ों की संपत्ति वाले मंत्री, दूसरी तरफ बेरोजगारी और गरीबी से जूझती जनता। ऊपर से आधे मंत्रियों पर आपराधिक मामले। अब सवाल यही उठ रहा है कि क्या राजनीति सेवा का माध्यम रह गई है या फिर सत्ता सिर्फ दौलत और दबदबे का खेल बनकर रह गई है?
पंचमुखी न्यूज़ का सवाल :
क्या बिहार की राजनीति में बढ़ता धनबल और बाहुबल लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है?
