
- डॉ अरुण कुमार मयंक –
पटना डेस्क। बिहार की राजनीति में उत्तराधिकार की सबसे बड़ी पटकथा अब खुलकर सामने आने लगी है। नालंदा के कल्याण बिगहा से उठी एक आवाज ने सत्ता के गलियारों में सनसनी फैला दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को लेकर उनके चाचा सतीश कुमार ने ऐसा विस्फोटक बयान दिया है, जिसने बिहार की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह निशांत कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं। इस बयान के बाद जेडीयू के भीतर से लेकर विपक्षी खेमे तक राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है।
मंजू देवी की पुण्यतिथि पर नीतीश कुमार अपने बेटे निशांत कुमार के साथ पैतृक गांव कल्याण बिगहा पहुंचे थे। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बीच जैसे ही मीडिया ने निशांत के राजनीतिक भविष्य पर सवाल पूछा, चाचा सतीश कुमार ने बिना लाग-लपेट के बड़ा संकेत दे दिया। उन्होंने कहा कि निशांत राजनीति में आए हैं तो बिल्कुल सही किया है और अब जनता तय करेगी कि उन्हें कितनी बड़ी जिम्मेदारी देनी है। लेकिन परिवार और समर्थकों की इच्छा स्पष्ट है — निशांत को बिहार की सबसे बड़ी कुर्सी पर देखना।
सतीश कुमार ने दावा किया कि उन्होंने पहले ही निशांत के उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की भविष्यवाणी कर दी थी और अब मंत्री बनने के बाद उनकी ताकत और स्वीकार्यता दोनों तेजी से बढ़ रही हैं। यही वजह है कि अब बिहार की राजनीति में “नीतीश के बाद कौन?” का जवाब धीरे-धीरे “निशांत” की तरफ इशारा करता दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर पत्नी मंजू देवी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं की समस्याएं भी सुनीं। सड़क, पानी, बिजली और विकास से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया। इससे कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार समेत जेडीयू के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे। लेकिन पूरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा उस तस्वीर की रही, जिसमें नीतीश कुमार और निशांत कुमार तालाब में मछलियों को मुढ़ी खिलाते नजर आए। गांव में इसे “नई राजनीतिक विरासत की तस्वीर” बताया जा रहा है।
हालांकि निशांत कुमार मीडिया से दूरी बनाते दिखे। उन्होंने पत्रकारों के सवालों से बचते हुए सीधे कार्यकर्ताओं से बातचीत की और बाद में ननिहाल के लिए रवाना हो गए। लेकिन चाचा सतीश कुमार का बयान अब बिहार की राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा कर चुका है। सवाल उठने लगा है — क्या जेडीयू अब ‘नीतीश मॉडल’ से आगे बढ़कर ‘निशांत मॉडल’ की तैयारी में जुट गई है?
