
- डॉ अरुण कुमार मयंक –
बिहारशरीफ डेस्क। बिहार चुनाव में कांग्रेस की ऐतिहासिक हार के बाद पार्टी के भीतर विस्फोट हो गया है। विधि एवं मानवाधिकार विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा (अधिवक्ता) ने ऐसा हमला बोला है, जिसने बिहार कांग्रेस में भूचाल ला दिया है। सिन्हा ने सीधे राहुल गांधी को कटघरे में खड़ा कर दिया। उनका आरोप-“राहुल की सोच और काम में भारी विरोधाभास है। देशभर में संविधान लेकर घूमे, लेकिन टिकट बांटने में ऊंची जाति वालों पर मेहरबान रहे।”
लेकिन असली धमाका तो इसके बाद हुआ- सिन्हा ने कहा कि बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, सह-प्रभारी देवेन्द्र यादव और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने मिलकर पार्टी की लुटिया पूरी तरह डुबो दी। उन्होंने सनसनीखेज दावा किया- “इन तीनों ने करोड़ों-करोड़ में 41 टिकट बेचे। ईमानदार कार्यकर्ताओं को किनारे कर दिया। पूरे बिहार में संगठन को गर्त में धकेल दिया।”
उन्होंने कहा कि टिकटों की ये ‘मेगा डील’ और गलत रणनीति ही कांग्रेस की बर्बादी का असली कारण है। नतीजा- एनडीए दो-तिहाई बहुमत से सत्ता में लौट आया और कांग्रेस अस्तित्व की लड़ाई में धकेल दी गई।
सिन्हा ने पार्टी नेतृत्व पर जोरदार वार करते हुए कहा- “अब रोना-धोना छोड़िए, और बची-खुची कांग्रेस को पूरी तरह खत्म होने से पहले संभालिए।” बिहार कांग्रेस खेमे में सिन्हा के इस बयान ने तीखे सवाल, तीखे आरोप और तीखी राजनीति की आग भड़का दी है।
