
- पंचमुखी न्यूज़ –
बिहारशरीफ डेस्क। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के जिलाध्यक्ष राजकुमार पासवान के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बिहारशरीफ अस्पताल चौक पर भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधकों का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने बैंकों की दोगली नीति और तानाशाही रवैये के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
राजकुमार का आरोप :
एनसीपी जिलाध्यक्ष राजकुमार पासवान ने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षित बेरोजगारों के लिए संचालित योजनाएं- PMEGP, PMFME और मुद्रा योजना- कागजों तक सीमित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “बैंक प्रबंधक जरूरतमंद बेरोजगार युवाओं को ऋण नहीं देते। केवल उन्हीं को ऋण मुहैया कराया जाता है जो दलालों के माध्यम से मोटी रकम कमीशन के रूप में पहुंचाते हैं।” पासवान ने यह भी कहा कि बैंकों के कई अधिकारी अपने लक्ष्य की प्राप्ति ऐसे लोगों को ऋण देकर दिखाते हैं, जबकि सच्चे जरूरतमंदों को ठुकरा देते हैं।
सीबीआई जांच की मांग :
एनसीपी जिलाध्यक्ष ने मांग की कि उक्त तीनों बैंकों क्षेत्रीय प्रबंधकों की संपत्ति की जांच सीबीआई से कराई जाए, ताकि उनकी काली कमाई का पर्दाफाश हो सके। उन्होंने कहा कि बैंकों के अफसरशाही रवैये से आम बेरोजगार युवक-युवतियां निराश हो चुके हैं। बैंक अधिकारियों का व्यवहार ऐसा है, मानो वे बैंक को अपनी निजी जागीर समझते हों।
बैंकों के निजीकरण की चेतावनी :
पासवान ने कहा कि यदि गरीब बेरोजगारों को रोजगार हेतु ऋण नहीं दिया गया तो एनसीपी इन बैंकों के निजीकरण की मांग तेज करेगी। उन्होंने कहा -“तीनों बैंक केवल सर्विस क्लास को ऋण देते हैं, गरीबों को नहीं। सरकार को चाहिए कि ऐसे बैंकों को सरकारी राशि देना बंद करे और इनके निजीकरण पर विचार करे।”
कार्यक्रम में कई कार्यकर्ता रहे मौजूद :
इस मौके पर प्रमुख रूप से रामदेव पासवान, वह्मदेव पासवान, पप्पू कुमार, मकसुदन पासवान, नागेंद्र कुमार, भोला पासवान, दिनेश यादव, अनुज सिंह, शिवशंकर सिंह, कुसुम कुमारी, आरती कुमारी, फिरोज खान, मोहम्मद इमरान खान, आजाद खान, दीपा देवी, उषा देवी, दिनेश साह, नवीन कुमार, मिथलेश पासवान, संजय पासवान, टुनटुन पासवान और राकेश पासवान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
