– पंचमुखी न्यूज़ –
बिहारशरीफ डेस्क। बिहारशरीफ नगर के संवेदनशील बनौलिया मोहल्ले में गणेश प्रतिमा बिठाने को लेकर गंभीर विवाद पैदा हो गया है। यहां भगवान गणेश की प्रतिमा को लेकर शुरू हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। स्थानीय लोगों ने मामले को सुलझाने गई पुलिस पर पथराव कर दिया। इस हमले में एक दारोगा व कुछ पुलिसकर्मियों के चोटिल होने की खबर है। इस हिंसक वारदात के चलते पूरे क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई है। यह घटना बिहारशरीफ सदर कोतवाली थाना क्षेत्र की है।
बताया जाता है कि बनौलिया मोहल्ले के सुनील नामक एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ लोगों ने एक निजी जमीन पर बिना अनुमति के भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर दी है। सूचना मिलते ही बिहारशरीफ थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया शुरू की।पुलिस ने आयोजकों से कहा कि प्रतिमा स्थापना के लिए आवश्यक लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करें।
यह बात सुनते ही बनौलिया मोहल्ले के कुछ लोग भड़क गए और पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक करने लगे। स्थिति तब और बिगड़ गई, जब भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और कुछ लोगों को हिरासत में लेने की कोशिश की। इसके विरोध में स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
पथराव की इस घटना में कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों में शामिल एएसआई पप्पू कुमार ने बताया कि वे और उनकी टीम मौके पर लोगों को समझाने गए थे। उन्होंने कहा कि हमने आयोजकों को सिर्फ यह बताया कि निजी जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने के लिए उचित अनुमति लेनी होगी। लेकिन कुछ लोगों ने इसे गलत तरीके से लिया और हम पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में मुझे और मेरे साथी पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं।
मोहल्ले के कुछ लोगों का कहना है कि प्रतिमा स्थापना का यह कार्य सामुदायिक उत्सव का हिस्सा था और इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि पुलिस ने बिना उचित संवाद के कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई। पुलिस ने बिना बातचीत के हमें अपमानित करने की कोशिश की। घटना के बाद बिहारशरीफ कोतवाली पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है। पुलिस ने पथराव में शामिल कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
बिहारशरीफ कोतवाली थाना के प्रभारी ने बताया कि यह एक संवेदनशील मामला है और सभी पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाए रखना है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिला प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। नालंदा के जिलाधिकारी ने कहा है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। साथ ही उन्होंने लोगों से धार्मिक आयोजनों के लिए उचित अनुमति लेने का आग्रह किया है।
