मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के काफिले को भीड़ ने काफी दूर तक दौड़ाया है। इस हमले में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी सामने आ रही है। हमले में मंत्री श्रवण कुमार बाल-बाल बच गए हैं।
– पंचमुखी न्यूज –
पटना स्टेट डेस्क। बिहार की राजधानी पटना में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के काफिले पर हुए हमले के बाद अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक और मंत्री श्रवण कुमार पर अब हमला हुआ है। नालंदा जिले में काबीना मंत्री श्रवण कुमार भीड़ के निशाने पर आ गए। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान श्रवण कुमार के काफिले को भीड़ ने काफी दूर तक दौड़ाया है। इस हमले में कुछ सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की बात भी सामने आ रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में मंत्री श्रवण कुमार बाल-बाल बच गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार को भीड़ ने घेर लिया था। इसके बाद अचानक उनपर हमला कर दिया गया। वहां मौजूद उनके सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह मंत्री को बचाया। भीड़ ने काफी दूर तक मंत्री के काफिले का पीछा किया। यहां बता दें कि श्रवण कुमार नालंदा के ही रहने वाले हैं।
मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि नालंदा के हिलसा स्टेट हाइवे पर अभी हाल ही में हुए एक सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद बिहार सरकार के मंत्री मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढ़स बंधाने पहुंचे थे। लेकिन कहा जा रहा है कि अचानक यहां भीड़ उग्र हो गई और फिर उसके बाद मंत्री श्रवण कुमार को वहां से निकलना पड़ा। मंत्री श्रवण कुमार पर हिलसा के मलावां गांव में हमला हुआ है।
मंगल पांडेय पर हुआ था हमला:-
बता दें कि अभी हाल ही में पटना में बिहार सरकार के मंत्री मंगल पांडेय के काफिले पर पटना में हमला हुआ था। दरअसल पटना में भाई-बहन की मौत के बाद आक्रोशित लोग अटल पथ पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान वहां से मंगल पांडेय का काफिला गुजर रहा था। लेकिन अचानक लोगों ने मंगल पांडेय के काफिले पर हमला बोल दिया था। हमले में मंगल पांडेय बाल-बाल बच गए थे।
मंत्री बोले- यह बिहार है, यहां तरह-तरह के लोग हैं
हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि वह मलावां गांव पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। सभी मृतक परिवारों को सरकार की ओर से हर संभव सुविधा दी जाएगी। फिलहाल आर्थिक सहायता के रूप में 20-20 हजार रुपये का चेक दिया गया है। इसके बावजूद गांव के लोग उनसे क्यों नाराज थे, ये वही लोग बता सकते हैं। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।लगातार मंत्रियों पर हो रहे हमलों पर उन्होंने कहा कि ये सब राजनीति में होता रहता है। हम इसे झेलते रहते हैं। ये बिहार है। यहां तरह-तरह के लोग हैं, तरह-तरह की भावनाएं हैं। कुछ लोग मेरे काम और बातों की तारीफ करते हैं तो कुछ लोग नाराज होकर विरोध भी करते हैं। यही राजनीति है।

श्रवण जी आदरणीय है, उनका संतुलित उत्तर उनके जनता के प्रति जिम्मेदारी क़ो दर्शाता है, शायद चुनाव है नहीं तो कुछ लोगों पर हमला के विरुद्ध केस बजी होता। नादान जनता तो उन्होंने माफ कर दिया है, लेकिन याद तो रहेगी ये घटना।