NEET Paper Leak 2024 मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को बेल मिल गई है। यह जमानत सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने दी है। सीबीआई 90 दिनों में भी चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। संजीव मुखिया 1 मई 2025 से जेल में बंद थे।

-एक्सक्लूसिव रिपोर्ट-
पटना स्टेट डेस्क। नीट पेपर लीक 2024 मामले में एक बड़ा मोड़ आ गया है। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने मुख्य आरोपी संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को बेल दे दी है और जुडिशियल कस्टडी से मुक्त करने का आदेश दिया है। यह फैसला आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 167 के प्रावधानों के तहत लिया गया है। इसके अनुसार गिरफ्तारी के 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है।
जमानत का आधार और अदालती सुनवाई:
संजीव मुखिया की ओर से अदालत में दलील दी गई कि सीबीआई ने उनकी गिरफ्तारी के बाद प्रावधानों के आलोक में निर्धारित 90 दिनों की अवधि बीत जाने के बावजूद उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया। अदालत में दोनों पक्ष अभियोजन और संजीव मुखिया के वकीलों की लंबी सुनवाई हुई। न्यायाधीश ने तथ्यों और कानूनी प्रावधानों पर विचार करने के बाद धारा 167 के तहत जमानत देने का निर्णय सुनाया। कोर्ट ने मुखिया को न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश जारी किया है।

पटना से संजीव मुखिया की हुई थी गिरफ्तारी:
गुप्त सूचना के आधार पर बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की एक टीम ने कुछ महीने पहले पटना के सगुना मोड़ इलाका स्थित एक अपार्टमेंट से संजीव मुखिया को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उन्हें चार दिनों के रिमांड पर लेकर इस बड़े पैमाने के पेपर लीक घोटाले में उसकी भूमिका के बारे में गहन पूछताछ की थी।
क्या है मामला:
5 मई 2024 को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा देशभर में नीट (UG) परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान कई स्थानों पर गंभीर गड़बड़ियां और अनियमितताएं सामने आईं। प्रारंभिक गिरफ्तारी और पटना केस में शास्त्री नगर थाना प्रभारी अमर कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों को शहर के विभिन्न इलाकों से गिरफ्तार किया था। इसी के साथ शास्त्री नगर थाना में मामला दर्ज किया गया था।
2024 में CBI को मिली थी जांच:
प्रारंभिक जांच के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को सौंप दी गई थी। बाद में प्रश्न पत्र लीक के पैमाने और राष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने जुलाई 2024 में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी।

सीबीआई की जांच और वर्तमान स्थिति:
सीबीआई ने अब तक इस मामले में कुल 49 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने क्रमिक रूप से आरोप पत्र दाखिल किए हैं। 1 जुलाई 2024 को सबसे पहले शास्त्री नगर थाना द्वारा गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों के खिलाफ प्रारंभिक आरोप पत्र दाखिल किया गया था।19 सितंबर 2024 को 6 अतिरिक्त आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इसके बाद 7 अक्टूबर 2024 को जेल में बंद 21 आरोपियों के खिलाफ दूसरा आरोप पत्र दाखिल किया गया था। फिर 7 नवंबर 2024 को एक और आरोपी के खिलाफ तीसरा आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
कौन हैं संजीव मुखिया और क्या है उन पर आरोप:
संजीव मुखिया नीट पेपर 2024 लीक घोटाले के प्रमुख आरोपियों में से एक हैं। सीबीआई का आरोप है कि वह अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर कई प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेष रूप से नीट (UG) 2024, में प्रश्न पत्र लीक करने के मामलों में शामिल हैं। उन पर कई प्रश्न पत्र लीक मामलों का आरोप है। संजीव मुखिया लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बचने के लिए फरार चल रहे थे।

नो कमेंट, बिहारी बाहर बदनाम हैं, अब बिहार देश कि इज्जत बचा रहें हैं कि सभी मंत्री, संत्री के बच्चे भी फंस जायेंगे, इसलिए मुख्य आरोपी को ही वरी कर दिया जाय, ताकि अगले साल भी तो लीक करना हैं, और नये मंत्री संत्री के बच्चे एक ही सेंटर से फिर चुने जायेंगे इनके सहारे।