- डॉ अरुण कुमार मयंक –
बिहारशरीफ। बिहार की सियासत में जारी उथल-पुथल और जनता के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं में बढ़ते असंतोष के बीच जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता और जदयू किसान एवं सहकारिता प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष जगलाल चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि यह समय संयम, धैर्य और एकजुटता बनाए रखने का है, क्योंकि जदयू के लिए यह सबसे कठिन राजनीतिक परीक्षा का दौर है।
जगलाल चौधरी ने तीखे शब्दों में कहा कि पार्टी के भीतर और बाहर जो राजनीतिक कश्मकश चल रही है, उसके लिए बाहरी ताकतों को दोष देना आसान है, लेकिन असली सच्चाई को पहचानना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस “तख्ता-पलट” की साजिश में शामिल उन लोगों को पहचानें, जो पार्टी के अंदर रहकर ही उसकी जड़ों को कमजोर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी किसी व्यवस्था को भीतर से चोट पहुंची है, तब “मीरजाफर” और “जयचंद” जैसे गद्दार ही उसके जिम्मेदार रहे हैं। आज जदयू के सामने भी वैसी ही चुनौती खड़ी है, इसलिए पार्टी के सच्चे सिपाहियों को घर के भीतर छिपे गद्दारों को पहचानना होगा।
जगलाल चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए किसी केंद्रीय नेता को दोषी ठहराना पूरी तरह बेमानी है। उनके मुताबिक राजनीति परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेने की मांग करती है और उस स्थिति में जो भी नेता होता, उसे वही निर्णय लेना पड़ता जो राजनीतिक हालात उससे करवाते हैं।
उन्होंने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि बाहर किसने क्या किया, बल्कि यह है कि पार्टी के भीतर किसने विश्वासघात किया। इसलिए जदयू के कार्यकर्ताओं को भावनाओं में बहने के बजाय शांत रहकर हालात का विश्लेषण करना चाहिए और पार्टी को कमजोर करने वाले तत्वों को बेनकाब करना चाहिए।
अंत में उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि यह समय टूटने का नहीं बल्कि संगठित होकर पार्टी की विचारधारा और मजबूती के लिए खड़े होने का है। यदि जदयू के सच्चे कार्यकर्ता एकजुट रहेंगे तो कोई भी राजनीतिक साजिश पार्टी को कमजोर नहीं कर पाएगी।
