- पंचमुखी न्यूज-
बिहारशरीफ डेस्क। भारत के प्रथम राष्ट्रपति, संविधान-निर्माण के स्तंभ और देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 141वीं जयंती जिला कांग्रेस कार्यालय, राजेंद्र आश्रम में जबरदस्त उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया गया और राष्ट्रसेवा में उनके अमर योगदानों को याद किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वकालत छोड़ कर खुद को राष्ट्र के नाम समर्पित कर दिया। स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े, जेल गए, संविधान-निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाई। इसीलिए देश ने उन्हें देशरत्न’ की उपाधि दी।
नालंदा जिला कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष सरफराज मल्लिक ने उन्हें भारतीय इतिहास का महानायक बताते हुए कहा कि आज देश को सही मार्गदर्शन की ज़रूरत है, और उसका रास्ता डॉ. प्रसाद के जीवन से मिलता है। सादा जीवन, उच्च विचार- इन्हीं मूल्यों ने भारतीय राजनीति को दिशा दी।
समारोह में प्रमुख रूप से राजीव कुमार मुन्ना, संजू पांडे, हरिहर नाथ, अधिवक्ता मो. इम्तियाज आलम, अखिलेश्वर प्रसाद कुशवाहा, इंजीनियर टीपू, रमेश पासवान, असगर भारती, नजमी इम्तियाज, धनंजय पटेल, रवि रंजन, भोला पासवान, इमरान खान, अनिल कुमार सहित कई सम्मानित कांग्रेसजन व बुद्धिजीवी थे। समारोह की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला ने की।
समारोह में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि डॉ. प्रसाद के दिखाए रास्ते पर चलेंगे, संगठन को मज़बूत करेंगे तथा संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेंगे। सभी ने एक सुर में कहा कि देशरत्न के सिद्धांत ही आज के भारत की असली ज़रूरत हैं।
