
– पंचमुखी एक्सक्लूसिव –
पटना स्टेट न्यूज़। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस की टिकट के लिए नालंदा, नवादा, शेखपुरा, जमुई व गयाजी जिले के यही कोई 250 दावेदार सोमवार को गयाजी पहुंचे। ये दावेदार वहां के होटल विष्णु विहार में केंद्रीय स्क्रीनिंग कमेटी की सदस्या व सांसद प्रणिती शिंदे से मिले। इन दावेदारों ने अपने-अपने बायोडाटा, अनुशंसा पत्र एवं न्यूज क्लिपिंग्स जमा किये। कयास है कि कांग्रेस इसी स्क्रीनिंग को आधार बनाकर दावेदारों को टिकट देने की पहल कर सकती है।
सबसे खास बात यह है कि सबसे अधिक 70-75 दावेदार नालंदा जिला से गया जी पहुंचे थे। पिछले विस चुनाव (2020) में नालंदा जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों हरनौत, राजगीर और नालंदा से कांग्रेस पार्टी चुनाव लड़ी थी। फिलवक्त, इस बार महागठबंधन में किसके पाले में कौन सीट जाएगी,यह तय नहीं है। ऐसे में सभी सातों सीटों के लिए दावेदारों ने आवेदन किया है। नालंदा की सभी सात सीटों के लिए 70 से अधिक लोगों ने दावेदारी पेश की है। इनमें सबसे अधिक राजगीर के लिए 27, हरनौत से 12, तो नालंदा के लिए 11 दावेदारों ने आवेदन किया है। जबकि, बिहारशरीफ से सात, तो अस्थावां से 6, इस्लामपुर व हिलसा से 5-5 आवेदक सामने आये हैं।

नालंदा कभी कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था। यहां से सांसद, विधायक और डिस्ट्रिक्ट बोर्ड के चेयरमैन सब कांग्रेस से चुने जाते थे। पर नालंदा की सियासत में नीतीश कुमार के पैर रखते ही कांग्रेस के पैर उखड़ने लगे। विगत 30 वर्षों से यह जिला जदयू का गढ़ बना हुआ है। लेकिन, अब भी यहां के कांग्रेसियों के हौसले जीत के लिए कुलांचे मारते रहते हैं। इनमें सीएम नीतीश कुमार के चहेते काबीना मंत्री श्रवण कुमार की सीट नालंदा सर्वाधिक चर्चा में है। यहां से कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सुरेश प्रसाद के पुत्र अजीत कुमार, ओबीसी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव किशोर कुमार, अखिलेश्वर प्रसाद कुशवाहा के नाम प्रथम तीन में चल रहे हैं। इनके अलावा रणधीर रंजन मंटू, पूर्व मंत्री श्याम सुन्दर प्रसाद के पत्रकार पुत्र अनिल कुमार, चंद्रमणि कुमार मणि, कौशलेंद्र कुमार उर्फ छोटे मुखिया, राजेश्वर प्रसाद, ई.रामकिशोर प्रसाद सिंह, रागिनी सिंह व नीलमणि आजाद पटेल के नाम भी उछल रहे हैं।
इसके बाद सीएम नीतीश कुमार का गृह विधानसभा क्षेत्र हरनौत सुर्खियों में है। यहां से कांग्रेस विधि व मानवाधिकार विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष व पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता सुनील कुमार सिन्हा, शशिभूषण कुमार उर्फ टुनटुन व चंडी के पूर्व विधायक अनील सिंह प्रथम तीन के नामों की अधिक चर्चा है। जबकि, टिकट की प्रत्याशा में वाल्मीकि यादव, संजू पांडे, रवि गोल्डन, संजय कुमार पांडेय भी बायोडाटा जमा कर चुके हैं। ममता देवी, चंद्रमणि कुमार मणि व डॉ. अरुण बिन्द भी दावेदारों में शुमार हैं।
तीसरी सीट राजगीर में कांग्रेस टिकट के सर्वाधिक 27 दावेदार हैं। सूची में राजेंद्र चौधरी, मुन्नी राजवंशी व संजय पासवान के नाम प्रथम तीन में हैं। वहीं, कृष्ण दास व विवेकानंद पासवान भी गंभीर दावेदार माने जा रहे हैं। लेकिन, इन सबसे अलग हटकर पूर्व विधायक रवि ज्योति कुमार व भारत सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक रहे डॉ. जगदीश प्रसाद की दावेदारी सशक्त बतायी जा रही है। श्यामदेव राजवंशी, मोनी पासवान, प्रोफेसर विजय कुमार चौधरी. डॉ. संजय चौधरी, संतोष कुमार चौधरी, नंदू पासवान, अमर आजाद, गायत्री पासवान, प्रीति पासवान, दिलीप पासवान व अनामिका पासवान आदि कई दावेदार भी हाथ-पांव मार रहे हैं।
अब चौथी सीट जिला मुख्यालय बिहारशरीफ की है। यहां से हैदर आलम, लीगल सेल के जिलाध्यक्ष सरफ़राज़ मल्लिक व डॉ आर. ईशरी की पुत्री फरहत जबीं आफशा के नाम प्रथम तीन में चल रहे हैं। इनके बाद जेड. इस्लाम और असगर भारती के नामों की भी खूब चर्चा है। जबकि यहां से डॉ अवधेश प्रसाद व दिलीप मंडल भी आवेदन दे चुके हैं। इनके अलावा अस्थावां से दीपक पटेल, संजय महाराज, रमेश कुमार, हरिहर नाथ व दिलीप मंडल के नामों की चर्चा है। जबकि हिलसा विधानसभा क्षेत्र से जिलाध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला, बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल, डॉ नरेश प्रसाद, संजय कुमार सिंह, राजीव कुमार मुन्ना व मामूर रशीद नदवी आवेदक हैं। इस्लामपुर से विवेक कुमार सिन्हा, चंचला कुमारी सिन्हा, भूपेंद्र कुमार सिंह, शिशुपाल यादव व अनुज कुमार कांग्रेस टिकट के गंभीर दावेदार माने जा रहे हैं।
गयाजी के होटल विष्णु विहार में स्क्रीनिंग कमेटी की सदस्या सांसद प्रणिती शिंदे ने सोमवार को पूरी तन्मयता के साथ दावेदारों की दलीलों को सुना। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूरी तरह से जांच-परख कर कांग्रेस के उम्मीदवार बनाये जाएंगे। इस बार का चुनाव सिर्फ जीतने के लिए नहीं, बल्कि बिहार में महागठबंधन की सरकार बनाने की निर्णायक लड़ाई है। कांग्रेस नेत्री ने कहा कि आगामी एक सितंबर को पटना के गांधी मैदान में कांग्रेस के वरीय नेता राहुल गांधी की रैली होनी है। इसमें उम्मीदवारी के दावेदारों को पूरे मनोयोग के साथ लग जाने की अपील की। रैली में दावेदारों एवं उनके समर्थकों की संख्यात्मक भागीदारी भी कांग्रेस के टिकट के चयन में अहम भूमिका निभाएगी।
